Saturday, August 2, 2014

CTET September 2014 Examination http://ctet.nic.in Apply Onlne Last Date: 4 August 2014 for Submission of Online Application

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CTET September 2014 Examination http://ctet.nic.in Apply Onlne Last Date: 4 August 2014 for Submission of Online Application

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CTET 2014 : सीटीईटी का ऑनलाइन आवेदन शुरू

Central Teacher Eligibility Test Online Applicaton http://ctet.nic.in 

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CENTRAL BOARD OF SECONDARY EDUCATION, DELHI
CENTRAL TEACHER ELIGIBILITY TEST
Date for Submission of On-Line Application: 15.07.2014 to 04.08.2014
Last date for submission of On-line Application: 04.08.2014
Last date for submission /update of fees: 06.08.2014

Date of Examination: 21.09.2014 (Sunday)

महंगा हुआ सीटीईटी के लिए आवेदन करना
नई दिल्ली । सेंट्रल टीचर एलिजबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। इस बार सामान्य व ओबीसी के लिए 100 से 200 रुपये और एससी-एसटी व शारीरिक रूप से अशक्त वर्ग के लिए आवेदन करना 50 से 100 रुपये तक महंगा हो गया है। देश भर में सीटीईटी की परीक्षा 21 सितंबर को आयोजित होगी। । आवेदन प्रक्रिया 4 अगस्त तक चलेगी
How To Apply : -

Monday, July 21, 2014

सी टी ई टी / टी ई टी से छूट (CTET / TET Relaxation)

सी टी ई टी / टी ई टी से छूट (CTET / TET Relaxation)
CTET, TEACHER ELIGIBILITY TEST (TET), NCTE, RTE, UPTET, HTET, JTET / Jharkhand TET, OTET / Odisha TET  ,
Rajasthan TETRTETBETET / Bihar TET,   PSTET / Punjab State Teacher Eligibility Test, West Bengal TET / WBTET, MPTET / Madhya Pradesh TET, ASSAM TET / ATET
, UTET / Uttrakhand TET , GTET / Gujarat TET , TNTET / Tamilnadu TET , APTET / Andhra Pradesh TET , CGTET / Chattisgarh TET, HPTET / Himachal Pradesh TET
\
No relaxation from TET ( Teacher Eligblity Test) is Possible
सी टी ई टी / टी ई टी से छूट तो स्वयं कोर्ट भी नहीं दे सकती , क्यूंकि आर टी ई एक्ट संविधान का एक हिस्सा है ,
और केंद्र सरकार के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित है ।
अब यह छूट संविधान में परिवर्तन के तहत ही मिल पाएगी
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मेरा कहना है की आर टी ई एक्ट के तहत शिक्षक बनने के लिए टी ई टी / सी टी ई टी से छूट किसी को नहीं अगर समुचित मात्रा में योग्य टी ई टी
पास शिक्षक उपलब्ध है तो ।

अभी हाल ही में नैनीताल हाई कोर्ट ने निर्णय दिया है की टी ई टी से छूट तो एन सी टी ई और उत्तरांचल राज्य सरकार भी नहीं दे सकती ,

उत्तर प्रदेश में भी दो बार ट्रिपल बेंच बैठ चुकी है जिसमें एक ट्रिपल बेंच ( तीन जजों की बेंच) खास तोर से टी ई टी में छूट देने के सन्दर्भ में बनाई गयी थी ।
जिसमें साफ़ किया गया की टी ई टी से छूट संभव नहीं
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यह न्यूज़ थोड़ा सा घुमा करके लिखी गयी है ,

सीटैट के बगैर भी बन सकेंगे शिक्षक 

केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटैट) पास किए बगैर भी आप शिक्षक बन सकते है। केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) ने शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार से शिक्षक नियुक्ति में सीटैट की अनिवार्यता में छूट देने का निर्देश दिया है। पंचाट ने सरकार से सीटैट की जगह अनुभव को तरजीह देने का निर्देश दिया है।

पंचाट के न्यायिक सदस्य ए.के. भारद्वाज और बिरेंद्र कुमार की पीठ ने यह आदेश सीटैट की योग्यता नहीं होने की वजह से नौकरी से निकाले गए ठेका पर कार्यरत शिक्षकों की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा करते हुए दिया है। पीठ ने अपने फैसले में शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा-23 का हवाला देते हुए कहा है कि प्रशिक्षित शिक्षकों के अभाव में केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर शिक्षकों की नियुक्ति में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने की अनिवार्यता में छूट दे सकती है

पीठ ने सरकार से सभी याचिकाकर्ताओं को दोबारा नौकरी देने पर विचार करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट में केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्ति, प्रमोशन एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई से संबंधित विवादों का निपटारा किया जाता है

News Source / Sabhaar : 21.07.2014
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कॉन्ट्रैक्ट / ठेका कर्मियों को बगैर टेट हटाया जा रहा था और उसके बारे में केंद्र सरकार  की ट्रिब्यूनल कोर्ट ने निर्णय दिया है , अगर
प्रशिक्षित (टेट पास ) कर्मी नहीं मिलते है , तो अप्रशिक्षितों से काम चलाया जा सकता है ।
हिंदुस्तान  में बहुत सारे विभागों के अपनी कोर्ट स्वयं होती है , जिस से वह जल्द फैसले दे कर काम काज में आ रही बाधा को हटा सकें ,
ऐसे ही केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रसाशनिक प्राधिकरण  ( सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ) बना रखी है ।

संविधान के तहत न्याय पाने के लिए उस से ऊपर हाई कोर्ट , फिर सुप्रीम कोर्ट है

अगर मेरी बात में कहीं गलती हो, तो कमेंट' के माद्यम से गलती बताएं  व उसको सुधारें

धन्यवाद

Friday, April 11, 2014

SC seeks response of Centre, states on violation of Right to Education Act

SC seeks response of Centre, states on violation of Right to Education Act



RIGHT TO EDUCATION ACT / TEACHER ELIGIBILITY TEST INDIA / NCTE GUIDELINES


Petition asked the states and the UTs to recruit and train one lakh additional professionally trained teachers every month.
   

The PIL, filed by the National Coalition for Education — a network of organisations fighting for the RTE — said at least 1.5 lakh schools and 12 lakh trained teachers were required to fulfill the goals envisaged under the RTE.

 It sought a direction that "the states and UTs upgrade all deficient schools with appropriate physical infrastructure so as to be in compliance with the RTE Act within six months.

"The states and UTs regularise and make permanent all contract and para-teachers in the country," it said. The petition also said the states and UTs should disclose the number of students admitted under the Economically Weaker Section (EWS) quota in the state in accordance with the provisions of the Act. 






 
A bench headed by Chief Justice P Sathasivam issued notice and sought their response after summer vacation on a plea filed by an organisation, National Coalition for Education.
  
The plea said lack of resources and failure to implement provisions of the RTE Act has resulted in a significant decline in education performance.
  
Senior advocate Colin Gonsalves sought a direction to all the states to complete the required neighbourhood mapping within six months and new schools be constructed six months after completion of the process.
  
The petition asked the states and UTs to recruit and train one lakh additional professionally trained teachers to end the shortage of educators within a year.
  
It sought a direction that "the states and UTs upgrade all deficient schools with appropriate physical infrastructure so as to be in compliance with the RTE Act within six months.
  
"The states and UTs regularise and make permanent all contract and para-teachers in the country," it said.
  
The petition also said the states and UTs should disclose the number of students admitted under the Economically Weaker Section (EWS) quota in the state in accordance with the provisions of the Act.
  
"Based on the aforementioned facts, it is clear that the Right to Education is being violated across the country. These violations have persisted for years and remain today in face of the RTE Act's requirement that they be remedied within three years of it coming into force.
  
"And more troubling, they persist despite widespread awareness of their existence by various responsible governments and authorities and in the face of previous orders from this court on October 3, 2012 to remedy them," it said

RTE : शिक्षकों की कमी पर केंद्र व राज्यों को नोटिस

RTE : शिक्षकों की कमी पर केंद्र व राज्यों को नोटिस

Tags :
UPTET  / टीईटी / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News/  RTE  / RIGHT TO EDUCATION ACT


याचिकाकर्ता ने लगाया है शिक्षा का अधिकार कानून के उल्लंघन का आरोप 

नई दिल्ली (ब्यूरो)। देशभर के स्कूलों में शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के उल्लंघन के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र व सभी राज्य सरकारों से जवाब तलब किया। सर्वोच्च अदालत में दायर याचिका में इस कानून पर सही तरीके से अमल कराने के लिए सरकारों को निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
चीफ जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र, राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर ग्रीष्मावकाश के बाद जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका नेशनल कोलीशन फॉर एजुकेशन संगठन ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि संसाधनों की कमी और आरटीई के प्रावधानों को लागू करने में विफलता के कारण शिक्षा के क्षेत्र में काफी गिरावट आई है। पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंसाविस ने सभी राज्यों को छह महीने के भीतर दूर-दराज के इलाकों का अध्ययन करने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह प्रक्रि या पूरी होने के बाद छह महीने के लिए नये स्कूलों का निर्माण होना चाहिए।


News Source / Sabhaar : Amar Ujala (12.04.2014)

Saturday, March 15, 2014

Downloading of OMR Sheet for CTET February 2014 Examination http://ctet.nic.in

Downloading of OMR Sheet for CTET February 2014 Examination http://ctet.nic.in 

टीईटी / CTET  / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News


To Download your CTET Answered OMR Carbon Copy, Please click on following link - http://122.180.127.140/2014/ctetomr/default.aspx



Wednesday, February 19, 2014

JTET / JHARKHAND TEACHER ELIGIBILITY TEST : झारखंड: टेट के संशोधित रिजल्ट को हरी झंडी

JTET / JHARKHAND TEACHER ELIGIBILITY TEST : झारखंड: टेट के संशोधित रिजल्ट को हरी झंडी
 
 टीईटी / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News
रांची: शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) के संशोधित रिजल्ट जारी करने का रास्ता साफ हो गया है. मानव संसाधन विकास विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल को इसकी अनुमति दे दी है.  केवल इग्‍नू के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने के वाले विद्यार्थियों का ही रिजल्ट जारी किया जायेगा. ऐसे एक हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के आवेदन पत्र में अंक की जगह ग्रेड का उल्लेख किया था.

उल्लेखनीय है कि इग्‍नू के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी के अंक पत्र में अंक की जगह ग्रेड का जिक्र होता है. टेट के आवेदन पत्र में अंक लिखने का निर्देश दिया गया था. अंक की जगह ग्रेड का जिक्र करनेवाले परीक्षार्थियों का रिजल्ट रिजेक्ट कर दिया गया था. इसके बाद परीक्षार्थी हाइकोर्ट चले गये. हाइकोर्ट ने यह कहते हुए परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया कि इसमें विद्यार्थियों का कोई दोष नहीं है.

26 हजार कर रहे हैं दावा
शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल 26,608  परीक्षार्थी अलग-अलग कारणों से रिजल्ट रिजेक्ट होने का दावा कर रहे हैं. इसमें शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जमा नहीं करने, अंक की जगह ग्रेड लिखने, गलत पोस्ट कोड लिखने, ओएमआर में सही रोल नंबर नहीं लिखने और गलत विषय लिखने के कारण विद्यार्थियों का रिजल्ट रिजेक्ट किया गया था.

फरवरी के अंत तक रिजल्ट
मानव संसाधन विकास विभाग की सहमति के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रिजल्ट लगभग तैयार कर लिया गया है. सफल परीक्षार्थियों को डाक के माध्यम से प्रमाण पत्र भेजा जायेगा. उल्लेखनीय है कि राज्य में कक्षा एक से पांच में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू है.

जैक ने मानव संसाधन विकास विभाग को लिखा था पत्र
हाइकोर्ट के आदेश के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने मानव संसाधन विकास विभाग को पत्र लिख कर शिक्षक नियुक्ति का आवेदन पत्र जमा करने की तिथि बढ़ाने का आग्रह किया था

 Dateed- Feb 19 2014 12:00AM

Monday, January 13, 2014

Lok Sabha Election Poll 2014

Lok Sabha Election Poll 2014

Please take participation in Lok Sabha Election Poll Survey by Clicking Below Link -

Survey - Which is BEST Party (BJP, Congress, AAP or Regional Party) of Your Choice ???
Kindly Give your Vote on clicking below link -
http://www.google.com/reviews/polls/display/8873964659922675998/blogger_template/vote?lnkclr=%230b8bec&txtclr=%23000&font=normal+normal+13px+Arial%2C+Tahoma%2C+Helvetica%2C+FreeSans%2C+sans-serif&hideq=true&purl=naukri-recruitment-result.blogspot.in&chrtclr=%230b8bec

Blog - http://naukri-recruitment-result.blogspot.com/


Ab Tak Ke Blog Poll Ka Result : -
1. आम आदमी पार्टी  67 (8%)
2. बी जे पी   715 (89%)
3. कोंग्रेस   15 (1%)
4. क्षेत्रीय पार्टी  1 (0%)
अब तक के वोट: 798

Jharkhand TET : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में 16 हजार और होंगे पास

Jharkhand TET : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में 16 हजार और होंगे पास




 टीईटी / TET Teacher Eligibility Test Updates / Teacher Recruitment News


शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में 16 हजार और होंगे पास

रांची. शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) देने वाले उन अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है, जिनका रिजल्ट तकनीकी त्रुटि के कारण जारी नहीं हो पाया था। सात माह बाद अब टेट का संशोधित रिजल्ट जारी होने जा रहा है। इसमें करीब 16 हजार और अभ्यर्थी पास हो जाएंगे।





झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने ऐसे अभ्यर्थियों की सूची मानव संसाधन विभाग को भेज दी है। इसके साथ ही जैक ने इन अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब उन अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी होगा, जिनमें मामूली तकनीकी त्रुटि होगी। इनमें टीचर्स ट्रेनिंग परीक्षा के रिजल्ट की फोटो कॉपी न देने और गलत रोल नंबर लिखने वाले शामिल हैं। इस फैसले से इन्हें राहत मिलेगी।

यह है मामला

मई 2013 में जैक ने टेट का रिजल्ट जारी किया था। कुल 65,439 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसमें कक्षा एक से पांच तक के लिए 22,311 और कक्षा छह से आठ के लिए 43,128 अभ्यर्थी थे। 30 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के रिजल्ट रुक गए।

मामूली त्रुटि के कारण जिन अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी नहीं हुआ था, उनकी रिपोर्ट मानव संसाधन विभाग को भेज दी गई है। पहले उनका रिजल्ट जारी होगा, जो कोर्ट गए थे। 31 जनवरी से पहले 16 हजार अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।ञ्जञ्ज -एके झा, संयुक्त सचिव जैक

News Source / Sabhaar : bhaskar.com (10.1.14) / bhaskar news | Jan 10, 2014, 08:42AM IST

Thursday, November 14, 2013

Jharkhand TET : बंपर भर्ती: 14,435 शिक्षकों की होगी नियुक्ति



Jharkhand TET : बंपर भर्ती: 14,435 शिक्षकों की होगी नियुक्ति


झारखंड में कक्षा एक से पांच तक के करीब 15 हजार शिक्षकों को नियुक्त किया जायेगा। इन नियुक्तियों के लिए संभी संबंधित जिलों में निर्देश पत्र जारी किए जा चुके हैं।

यह प्रक्रिया 15 नवंबर से सभी जिलों में शुरू की जा रही है। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 14,435 पद रिक्त हैं।

शिक्षा विभाग ने राज्य के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। राज्य में उर्दू शिक्षकों के 4401 पद रिक्त हैं। इन पदों पर आवेदन पत्र जमा करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।

इन आवेदन पत्र के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। शिक्षकों की नियुक्ति जिला शिक्षा स्थापना समिति की ओर से की जायेगी। समिति के अध्यक्ष जिले के उपायुक्त होंगे।

कैसे तैयार होगी मेरिट लिस्ट
इंटर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कोटिवार मेरिट लिस्ट विद्यार्थियों के कुल मेधा अंक के आधार पर जिला शिक्षा स्थापना समिति की ओर से तैयार किया जायेगा। कुल मेधा अंक विद्यार्थी के शैक्षणिक मेधा अंक व शिक्षक पात्रता परीक्षा के मेधा अंक का योगफल होगा

कैसे होगी अंकों की गणना
शैक्षणिक मेधा अंक के निर्धारण के लिए अभ्यर्थी के मैट्रिक, इंटर व शिक्षक प्रशिक्षण परीक्षा के प्राप्तांक के प्रतिशत को जोड़ने के बाद प्राप्त योगफल को तीन से भाग दिया जायेगा। इसके बाद प्रतिशत अभ्यर्थी का शैक्षणिक मेधा अंक होगा। गणना में अतिरिक्त विषय के प्राप्तांक को शामिल नहीं किया जायेगा


News Sabhaar : amarujala.com / अमर उजाला (14 नवंबर 2013

Saturday, July 20, 2013

RTE : शिक्षकों के लिए बेहतरीन लेख


RTE : शिक्षकों के लिए  बेहतरीन लेख 


बस स्टॉप पर एक बच्चा रो-रो कर कह रहा था, ममी मुझे स्कूल नहीं जाना। रोते-रोते वह उलटी करने लगा। मैंने उसकी मां से पूछा, इतना क्यों रो रहा है? 
उनका जवाब था, यह इसका रोज का नाटक है। स्कूल नहीं जाएगा तो कब तक मेरे पास रहेगा? 

मैंने सुझाया, नहीं, आप इससे धीरे-धीरे बहला-फुसला कर कारण पूछिए।
दो-चार दिनों के बाद जब वह महिला मिली, तो जो सुनाया, वह चौंकाने वाला था। बच्चे ने उन्हें बताया था कि उसकी मैडम होमवर्क नहीं करके लाने पर धमकी देती थीं कि मैं तुम्हें चूहा बना दूंगी। फिर एक अलमारी के पास ले जाकर रूई भरे चूहे दिखातीं और कहतीं, देखो काम न करने वाले बच्चों को मैंने चूहा बना कर रखा हुआ है। कभी-कभी शोर मचाने पर बच्चों के मुंह के पास स्टैप्लर ले जाकर उनके होंठ स्टेपल कर देने की धमकी भी देतीं।
उनींदी आंखों वाले, भूखे पेट, शिशुओं को किसी तरह ठेल-ठाल कर, बस न मिस हो जाए - इस भागमभाग में मां-बाप की हर सुबह बीतती है। उनके किसी खासव्यवहार के पीछे क्या कारण होसकता है, इस पर गौर करने की फुर्सत ही नहीं मिलती। सहमे हुए बच्चे अक्सर घर पर भी कुछ नहीं बता पाते हैं और स्कूल जाने का विरोध करने के लिए वे जो कुछ करते हैं, उन्हें हम बहानेबाजी समझते हैं।
मासूम बच्चों के प्रति कुछ अध्यापकों का व्यवहार बाल-मनोविज्ञान के एकदम विपरीत होता है। बच्चों का आत्म-सम्मान कम तीखा नहीं होता। शारीरिक सजा की आज के एजुकेशनसिस्टम में कोई जगह नहीं है। पर दंड देने के दूसरे तरीके कितने अपमानजनक और हीनभावना पैदा करने वाले हैं। कहीं पर होमवर्क न करने पर पूरी क्लासके बीच बच्चे की निकर उतारने की धमकी ही नहीं दी जाती, कपड़ा नीचे कर दिया जाता है। रोज का यह ड्रामा हेडमास्टर तक पहुंचाया जाए तो बच्चे को टी.सी. यानी स्कूल छोड़ने का तोहफा मिल जाता है।
आज स्कूल में सिर पर कूड़ादानरख कर कोने में खड़ा करना आम बात है। बच्चों की बुद्धि, रूप आकार को केंद्र बनाकर गैंडे की खाल, कुत्ते की दुम, डफर और कछुए का खिताब बच्चों की बुद्धि को सचमुच कुंद कर देता है। बड़े होकर वे या तो विदोही बन जाते हैं या अपने में सिमट कर रह जाते हैं।
वयस्क होने पर भी कई बार लोग चूहा, बिल्ली, छिपकली, कॉकरोच आदि को देखते ही चीखने लगते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि ये जीव तो स्वयं मनुष्य से डरते हैं और उनका आकार हमारे आकार से कितना छोटा है।
ऐसे लोगों से बारीकी से पूछा जाए तो इस डर का छोर सुदूर अतीत में बचपन तक जाता है। एक बच्चे के दादा अपनी बात मनवाने के लिए प्राय: उसके मुंह में कॉकरोच डालने के लिए उसके पीछे भागा करते थे। इसी तरह हर भय के पीछे छुटपन की कहानी है। एक महिला अपने ही घर में अपनी अलमारी खोलने से डरती थी। उसका विश्लेषण किया गया तो पता लगा कि बचपन में उसे डराने के लिए अलमारी में कोई भयानक पुतला रखा जाता था।
बच्चों को सुलाने के लिए मांएं अक्सर बंदर, भालू, शेर की आवाजें निकालती हैं। भूत का डर दिखाती हैं। अंधेरे में अकेला छोड़ देने का डर दिखातीहैं। ऐसे बच्चे जिंदगी भर अंधेरे से डरते हैं। भूतों की दुनिया में विश्वास करने लगते हैं। कुछ अध्यापक और मां-बाप बच्चों में हीन भावना पैदा करने के दोषी होते हैं। यदि दो भाई बहन (छोटे-बड़े) एकही स्कूल में पढ़ते हों और संयोग से एक पढ़ाई में तेज हो तो उनके टीचर कमजोर बच्चे को ताना देते हैं, 'तुम बड़े से कुछ सीखो। निकम्मे हो तुम।' घर में भी यही दोहराया जाता है।
ऐसा बच्चा अपने को नाकारा समझने लगता हैं। दूसरे, भाई से नफरत करने लगता है। तीसरे, पढ़ाई से उसका मन हट जाता है।
बी.एड. में बाल मनोविज्ञान पढ़ाया जाता है. कार्यशालाएं करवा कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अध्यापक समुदाय को जागरूक बनाने की जरूरत है।
PR AAJ KAL TO LOG PAISA SE B.ED KI DEGREE KHAREEDTE HAI....